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A free printable book

Hindi for classes 6 to 8

6 lessons, each with worked examples, a try-at-home activity and a practice sheet. The practice sheets are together after the lessons, and the answer keys are at the very back.

  • Hindi
  • Classes 6-8
  • 6 lessons
  • 65 practice questions
  • Free to print

Contents

Free learning for kids, Gurukul Technicals Institute. Printed from engineergurukul.com/resources/kids/books/hindi-6-8/

Contents

What is in this book

  1. 1Verbs and tenses in Hindi (क्रिया और काल)क्रिया काम का बोध कराती है और काल बताता है कि काम कब हुआ। भूत, वर्तमान और भविष्यत् काल के रूप सीखो।3 min
  2. 2Hindi sandhi basics (संधि)दो वर्णों के मेल से होने वाले बदलाव को संधि कहते हैं: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि स्वर संधि उदाहरणों से सीखो।5 min
  3. 3Hindi compound words (samas) (समास)दो या अधिक शब्दों को जोड़कर नया छोटा शब्द बनाना समास है: तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि और अव्ययीभाव सीखो।4 min
  4. 4Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय)शब्द के आगे लगने वाले उपसर्ग (अ, सु, प्र) और पीछे लगने वाले प्रत्यय (ता, वान, ईय) से नए शब्द बनाना सीखो।4 min
  5. 5Hindi cases (karak) (कारक)वाक्य में संज्ञा का क्रिया से संबंध बताने वाले आठ कारक और उनकी विभक्तियाँ (ने, को, से, के लिए, का, में) सीखो।4 min
  6. 6Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन)औपचारिक और अनौपचारिक पत्र का ढाँचा सीखो: पता, दिनांक, संबोधन, विषय, मुख्य भाग, समापन और हस्ताक्षर।5 min

Every lesson here can also be read on its own page, with links to related lessons. All printable books.

Lesson 1 of 6

Verbs and tenses in Hindi (क्रिया और काल)

क्रिया काम का बोध कराती है और काल बताता है कि काम कब हुआ। भूत, वर्तमान और भविष्यत् काल के रूप सीखो।

Let us begin

The big idea

वाक्य में जो शब्द किसी काम का करना या होना बताता है, उसे क्रिया कहते हैं। क्रिया का रूप बदलकर हम बताते हैं कि काम कब हुआ। इसी को काल कहते हैं।

जिस शब्द से किसी काम का करना या होना पता चले, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे: खाना, पढ़ना, खेलना, सोना, जाना। वाक्य में: बच्चे खेलते हैं। यहाँ खेलते हैं क्रिया है।

काल तीन होते हैं। भूतकाल: जो काम बीत चुका है। वर्तमानकाल: जो काम अभी हो रहा है या रोज़ होता है। भविष्यत्काल: जो काम आगे होगा।

वर्तमान में क्रिया का रूप ऐसा होता है: वह जाता है, वह जाती है, हम जाते हैं। भूतकाल में: वह गया, वह गई, वे गए। भविष्यत्काल में: वह जाएगा, वह जाएगी, हम जाएँगे, मैं जाऊँगा।

क्रिया का रूप करने वाले (कर्ता) के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है: लड़का सोता है, लड़की सोती है, लड़के सोते हैं।

भूत, वर्तमान और भविष्यत् कालएक समय-रेखा दाईं ओर तीर के साथ जाती है। उस पर तीन निशान हैं: भूतकाल, वर्तमानकाल और भविष्यत्काल। हर निशान के नीचे वाक्य है: वह गया, वह जाता है, वह जाएगा। भूतकाल वर्तमानकाल भविष्यत्काल वह गया। वह जाता है। वह जाएगा। काम बीत चुका है काम अभी होता है काम आगे होगा क्रिया का रूप समय बताता है।
क्रिया का रूप काम के समय के अनुसार बदलता है।

Worked examples

See how it works

  1. एक क्रिया, तीन काल

    जाना: वह स्कूल जाता है (वर्तमान)। वह स्कूल गया (भूत)। वह स्कूल जाएगा (भविष्यत्)।

  2. सोना क्रिया

    राम सोता है। (वर्तमान) राम सोया। (भूत) राम सोएगा। (भविष्यत्)

  3. ने वाले वाक्य

    माँ ने खाना बनाया। (भूत) माँ खाना बनाती हैं। (वर्तमान) माँ खाना बनाएँगी। (भविष्यत्) भूतकाल में ने के साथ क्रिया वस्तु के अनुसार बदलती है: माँ ने रोटी बनाई।

  4. लिंग के अनुसार क्रिया

    लड़का दौड़ा। लड़की दौड़ी। लड़के दौड़े।

Try it at home

तीन कालों की कॉपी

You will need

  • कॉपी
  • पेंसिल

What to do

  1. कॉपी में तीन खाने बनाओ: भूत, वर्तमान और भविष्यत्।
  2. कोई एक क्रिया चुनो, जैसे खेलना।
  3. उसी क्रिया से तीनों खानों में एक-एक वाक्य लिखो। जैसे: रोहन खेला। रोहन खेलता है। रोहन खेलेगा।
  4. दो और क्रियाओं से यही करो, जैसे जाना और सोना।
  5. अपने वाक्य पढ़कर देखो कि क्रिया का रूप कर्ता के लिंग से मेल खाता है या नहीं।

Ask a grown-up: वाक्यों की जाँच के लिए किसी बड़े से मदद ले सकते हो।

Lesson 2 of 6

Hindi sandhi basics (संधि)

दो वर्णों के मेल से होने वाले बदलाव को संधि कहते हैं: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि स्वर संधि उदाहरणों से सीखो।

Let us begin

The big idea

विद्या + आलय = विद्यालय। हिम + आलय = हिमालय। देखो, दो शब्द मिले और बीच का रूप बदल गया। इस मेल को संधि (sandhi) कहते हैं। संधि समझने से बड़े-बड़े शब्द आसानी से पढ़े और बनाए जा सकते हैं।

दो वर्णों (अक्षरों) के पास-पास आने से जो बदलाव होता है, उसे संधि कहते हैं। जोड़े गए शब्द को फिर से अलग करना संधि-विच्छेद कहलाता है। जैसे विद्यालय का संधि-विच्छेद है विद्या + आलय।

संधि तीन प्रकार की होती है: स्वर संधि (स्वर + स्वर), व्यंजन संधि (व्यंजन + स्वर या व्यंजन) और विसर्ग संधि (विसर्ग + स्वर या व्यंजन)। इस पाठ में हम स्वर संधि के पाँच भेद सीखेंगे।

दीर्घ संधि: एक जैसे छोटे या बड़े स्वर मिलकर बड़ा (दीर्घ) स्वर बनाते हैं। अ या आ + अ या आ = आ: हिम + आलय = हिमालय, विद्या + अर्थी = विद्यार्थी। इ या ई + इ या ई = ई: कवि + इंद्र = कवींद्र। उ या ऊ + उ या ऊ = ऊ: भानु + उदय = भानूदय।

गुण संधि: अ या आ के बाद इ या ई आए तो ए बनता है: नर + इंद्र = नरेंद्र, महा + ईश = महेश। अ या आ के बाद उ या ऊ आए तो ओ: सूर्य + उदय = सूर्योदय। अ या आ के बाद ऋ आए तो अर्: देव + ऋषि = देवर्षि। वृद्धि संधि: अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो ऐ: सदा + एव = सदैव, एक + एक = एकैक। अ या आ के बाद ओ या औ आए तो औ: महा + औषध = महौषध।

यण संधि: इ या ई के बाद कोई अलग स्वर आए तो य बनता है: यदि + अपि = यद्यपि, अति + अधिक = अत्यधिक। उ या ऊ के बाद अलग स्वर आए तो व: सु + आगत = स्वागत, अनु + एषण = अन्वेषण। अयादि संधि: ए + अ = अय: ने + अन = नयन। ओ + अ = अव: पो + अन = पवन, भो + अन = भवन। ऐ + अ = आय: नै + अक = नायक।

स्वर संधि के पाँच भेदपाँच पंक्तियाँ हैं। हर पंक्ति में बाईं ओर संधि का नाम, बीच में स्वरों का मेल और दाईं ओर एक उदाहरण लिखा है: दीर्घ (अ + आ = आ, हिमालय), गुण (अ + इ = ए, नरेंद्र), वृद्धि (अ + ए = ऐ, सदैव), यण (इ + अ = य, यद्यपि), अयादि (ए + अ = अय, नयन)।स्वर संधि दीर्घ अ + आ = आ हिम + आलय = हिमालय गुण अ + इ = ए नर + इंद्र = नरेंद्र वृद्धि अ + ए = ऐ सदा + एव = सदैव यण इ + अ = य यदि + अपि = यद्यपि अयादि ए + अ = अय ने + अन = नयन
स्वर संधि के पाँच भेद, नियम और एक-एक उदाहरण।

Worked examples

See how it works

  1. दीर्घ संधि

    विद्या + आलय: आ + आ = आ, इसलिए विद्यालय। परम + अर्थ: अ + अ = आ, इसलिए परमार्थ। रवि + इंद्र: इ + इ = ई, इसलिए रवींद्र। लघु + ऊर्मि: उ + ऊ = ऊ, इसलिए लघूर्मि।

  2. गुण और वृद्धि संधि

    महा + इंद्र: आ + इ = ए, इसलिए महेंद्र। जल + ऊर्मि: अ + ऊ = ओ, इसलिए जलोर्मि। महा + ऋषि: आ + ऋ = अर्, इसलिए महर्षि। मत + ऐक्य: अ + ऐ = ऐ, इसलिए मतैक्य। परम + औषध: अ + औ = औ, इसलिए परमौषध।

  3. संधि-विच्छेद करो

    सूर्योदय = सूर्य + उदय (गुण संधि, अ + उ = ओ)। यद्यपि = यदि + अपि (यण संधि, इ + अ = य)। नयन = ने + अन (अयादि संधि, ए + अ = अय)। हिमालय = हिम + आलय (दीर्घ संधि, अ + आ = आ)।

Try it at home

संधि जोड़ो, संधि तोड़ो

You will need

  • कागज़
  • पेंसिल
  • कोई हिंदी किताब या अख़बार

What to do

  1. कागज़ पर दो खाने बनाओ: पहला शब्द, दूसरा शब्द, और तीसरा खाना संधि वाला शब्द।
  2. इन जोड़ों को जोड़कर लिखो: देव + आलय, महा + उत्सव, रमा + ईश, सु + अच्छ, गुरु + उपदेश।
  3. हर संधि का नाम लिखो: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण या अयादि।
  4. अब किसी किताब या अख़बार से पाँच बड़े शब्द ढूँढो जिनमें संधि लगे, जैसे विद्यालय, और उनका संधि-विच्छेद करो।

Lesson 3 of 6

Hindi compound words (samas) (समास)

दो या अधिक शब्दों को जोड़कर नया छोटा शब्द बनाना समास है: तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि और अव्ययीभाव सीखो।

Let us begin

The big idea

"राजा का पुत्र" कहने की जगह हम "राजपुत्र" कह सकते हैं। "माता और पिता" की जगह "माता-पिता"। दो शब्दों को मिलाकर एक छोटा और नया शब्द बनाने की इस विधि को समास (samas) कहते हैं। समास का अर्थ ही है "संक्षेप"।

दो या दो से अधिक शब्द मिलकर जब एक नया शब्द बनाते हैं और बीच के शब्द (का, के, की, और, के लिए) हट जाते हैं, तो उसे समास कहते हैं। बना हुआ शब्द समस्त पद कहलाता है। उसे फिर से खोलना समास-विग्रह कहलाता है। राजपुत्र का विग्रह है "राजा का पुत्र"। पहला शब्द पूर्वपद और दूसरा उत्तरपद कहलाता है।

तत्पुरुष समास: उत्तरपद मुख्य होता है और बीच की विभक्ति (का, को, से, के लिए, में) लुप्त हो जाती है। राजपुत्र = राजा का पुत्र। देशभक्ति = देश के लिए भक्ति। रसोईघर = रसोई के लिए घर। कर्मधारय समास: पहला पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है, या उपमा होती है। नीलकमल = नीला कमल। महापुरुष = महान पुरुष। चंद्रमुख = चंद्र जैसा मुख।

द्विगु समास: पहला पद संख्या होता है। त्रिभुवन = तीन भुवनों का समूह। चौराहा = चार राहों का समूह। सप्ताह = सात दिनों का समूह। द्वंद्व समास: दोनों पद बराबर होते हैं और बीच में "और" या "या" छिपा रहता है। माता-पिता = माता और पिता। दिन-रात = दिन और रात। सुख-दुख = सुख और दुख।

बहुव्रीहि समास: दोनों पद मिलकर किसी तीसरे की ओर इशारा करते हैं। लंबोदर = लंबा है उदर जिसका, यानी गणेश। दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके, यानी रावण। पीतांबर = पीला है अंबर (वस्त्र) जिसका, यानी कृष्ण। अव्ययीभाव समास: पहला पद अव्यय होता है और पूरा शब्द अव्यय बन जाता है। यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार। प्रतिदिन = हर दिन। आजीवन = जीवन भर।

समास के छह भेदछह डिब्बे दो पंक्तियों में हैं। हर डिब्बे में समास के भेद का नाम और एक उदाहरण लिखा है: तत्पुरुष (राजपुत्र), कर्मधारय (नीलकमल), द्विगु (त्रिभुवन), द्वंद्व (माता-पिता), बहुव्रीहि (लंबोदर), अव्ययीभाव (प्रतिदिन)।समास के भेद तत्पुरुष राजपुत्र राजा का पुत्र कर्मधारय नीलकमल नीला कमल द्विगु त्रिभुवन तीन भुवनों का समूह द्वंद्व माता-पिता माता और पिता बहुव्रीहि लंबोदर लंबा उदर जिसका: गणेश अव्ययीभाव प्रतिदिन हर दिन समास का अर्थ है संक्षेप।
समास के छह भेद और हर भेद का एक उदाहरण।

Worked examples

See how it works

  1. विग्रह करो और भेद पहचानो

    गंगाजल = गंगा का जल, तत्पुरुष। नीलगगन = नीला गगन, कर्मधारय। पंचवटी = पाँच वटों का समूह, द्विगु। भाई-बहन = भाई और बहन, द्वंद्व। चक्रपाणि = चक्र है पाणि (हाथ) में जिसके, यानी विष्णु, बहुव्रीहि। यथासंभव = जैसा संभव हो, अव्ययीभाव।

  2. कर्मधारय और बहुव्रीहि का अंतर

    "नीलकंठ" को देखो। अगर अर्थ "नीला कंठ" है, तो कर्मधारय। पर अगर अर्थ "नीला है कंठ जिसका, यानी शिव" है, तो बहुव्रीहि। फ़र्क यह है कि बहुव्रीहि में शब्द किसी तीसरे व्यक्ति की ओर इशारा करता है।

  3. द्विगु और बहुव्रीहि का अंतर

    "चतुर्भुज" में "चार भुजाओं का समूह" मानो तो द्विगु है। पर "चार हैं भुजाएँ जिसकी, यानी विष्णु" मानो तो बहुव्रीहि है। संख्या वाला शब्द अगर समूह बताए तो द्विगु, और किसी व्यक्ति की ओर इशारा करे तो बहुव्रीहि।

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समास का जोड़-तोड़

You will need

  • कागज़
  • पेंसिल
  • एक हिंदी किताब

What to do

  1. कागज़ पर छह खाने बनाओ और हर खाने में समास के एक भेद का नाम लिखो।
  2. किताब से दस समस्त पद ढूँढो, जैसे राजमहल, दिन-रात, प्रतिवर्ष, और हर एक को सही खाने में लिखो।
  3. हर शब्द का समास-विग्रह उसके नीचे लिखो।
  4. अब अपने आप तीन नए समस्त पद बनाओ और घर में किसी को उनका अर्थ बताओ।

Lesson 4 of 6

Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय)

शब्द के आगे लगने वाले उपसर्ग (अ, सु, प्र) और पीछे लगने वाले प्रत्यय (ता, वान, ईय) से नए शब्द बनाना सीखो।

Let us begin

The big idea

सत्य के आगे "अ" लगाओ तो असत्य बन जाता है, अर्थ उलट गया। सुंदर के पीछे "ता" लगाओ तो सुंदरता बन जाता है, विशेषण संज्ञा बन गया। आगे लगने वाले टुकड़े उपसर्ग (upsarg) और पीछे लगने वाले टुकड़े प्रत्यय (pratyay) कहलाते हैं।

उपसर्ग वे शब्दांश हैं जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं या उसमें कुछ विशेषता जोड़ देते हैं। उपसर्ग अकेले प्रयोग नहीं होते। जैसे "अ" अकेला कुछ नहीं कहता, पर सत्य के आगे लगकर असत्य बना देता है।

कुछ आम उपसर्ग और उनके उदाहरण: अ (असत्य, अज्ञान), अन (अनपढ़, अनजान), सु (सुपुत्र, सुगंध), कु (कुपुत्र, कुमार्ग), दुर् (दुर्बल, दुर्गम), प्र (प्रबल, प्रचार), वि (विदेश, विज्ञान), उप (उपवन, उपकार), अनु (अनुचर, अनुवाद), परि (परिवार, परिश्रम), सह (सहपाठी, सहयोग)। उर्दू से आए उपसर्ग: बे (बेकार, बेईमान), ला (लापता, लाजवाब), गैर (गैरहाज़िर), बद (बदनाम)।

प्रत्यय वे शब्दांश हैं जो शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं। प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं। कृत् प्रत्यय धातु (क्रिया के मूल) से जुड़ते हैं: लिख + आई = लिखाई, पढ़ + आकू = पढ़ाकू, सज + आवट = सजावट, थक + आन = थकान, खेल + ना = खेलना।

तद्धित प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से जुड़ते हैं: सुंदर + ता = सुंदरता, धन + वान = धनवान, बुद्धि + मान = बुद्धिमान, भारत + ईय = भारतीय, दया + लु = दयालु, लड़का + पन = लड़कपन, चाय + वाला = चायवाला, मूर्ख + ता = मूर्खता, गुजरात + ई = गुजराती। एक ही शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों हो सकते हैं: अ + सफल + ता = असफलता।

उपसर्ग, मूल शब्द और प्रत्ययबीच में एक बड़े डिब्बे में मूल शब्द "सफल" लिखा है। उसके बाईं ओर उपसर्ग "अ" का डिब्बा और दाईं ओर प्रत्यय "ता" का डिब्बा है। नीचे दिखाया गया है कि अ + सफल = असफल, सफल + ता = सफलता और अ + सफल + ता = असफलता।उपसर्ग (आगे) मूल शब्द प्रत्यय (पीछे) अ सफल ता + + अ + सफल = असफल (अर्थ उलट गया) सफल + ता = सफलता (विशेषण से संज्ञा) अ + सफल + ता = असफलता
उपसर्ग आगे जुड़ता है, प्रत्यय पीछे जुड़ता है।

Worked examples

See how it works

  1. उपसर्ग अलग करो

    असंभव = अ + संभव। सुपुत्र = सु + पुत्र। प्रचार = प्र + चार। विदेश = वि + देश। बेकार = बे + कार। परिश्रम = परि + श्रम। हर बार मूल शब्द के आगे का टुकड़ा उपसर्ग है।

  2. प्रत्यय अलग करो

    लिखाई = लिख + आई (कृत्)। मिठाई = मीठा + आई (तद्धित)। धनवान = धन + वान (तद्धित)। भारतीय = भारत + ईय (तद्धित)। सजावट = सज + आवट (कृत्)। याद रखो: कृत् प्रत्यय क्रिया से जुड़ता है, तद्धित प्रत्यय संज्ञा या विशेषण से।

  3. एक मूल शब्द, कई नए शब्द

    मूल शब्द "ज्ञान" लो। अ + ज्ञान = अज्ञान। वि + ज्ञान = विज्ञान। ज्ञान + ई = ज्ञानी। ज्ञान + वान = ज्ञानवान। अ + ज्ञान + ई = अज्ञानी। एक ही शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय मिलाकर पाँच नए शब्द बन गए।

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शब्द-निर्माण की फैक्टरी

You will need

  • कागज़
  • पेंसिल
  • तीन अलग रंग के पेन या पेंसिलें (हों तो)

What to do

  1. कागज़ के तीन खाने बनाओ: उपसर्ग, मूल शब्द, प्रत्यय।
  2. उपसर्ग खाने में अ, सु, कु, प्र, वि, बे लिखो। प्रत्यय खाने में ता, वान, ई, पन, वाला लिखो।
  3. मूल शब्द खाने में पाँच शब्द लिखो: सफल, ज्ञान, धन, बाल, भारत।
  4. हर मूल शब्द के साथ जितने सही शब्द बन सकें, बनाओ, जैसे असफल, सफलता, असफलता।
  5. जो शब्द बने, उन्हें शब्दकोश या किसी बड़े से पूछकर जाँचो कि वे सचमुच हिंदी में चलते हैं या नहीं।

Lesson 5 of 6

Hindi cases (karak) (कारक)

वाक्य में संज्ञा का क्रिया से संबंध बताने वाले आठ कारक और उनकी विभक्तियाँ (ने, को, से, के लिए, का, में) सीखो।

Let us begin

The big idea

"राम ने रावण को बाण से मारा।" इस वाक्य में राम, रावण और बाण तीनों संज्ञा हैं, पर क्रिया से हर एक का रिश्ता अलग है: राम मारने वाला है, रावण जिसे मारा गया, और बाण जिससे मारा गया। इस रिश्ते को कारक (karak) कहते हैं।

संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य की क्रिया से जो संबंध होता है, उसे कारक कहते हैं। कारक को दिखाने वाले चिह्न (ने, को, से, के लिए, का, में, पर, हे) विभक्ति या परसर्ग कहलाते हैं। हिंदी में आठ कारक हैं।

कर्ता कारक: जो काम करे। विभक्ति ने (या कोई नहीं)। "सीता ने खाना बनाया।" कर्म कारक: जिस पर क्रिया का असर पड़े। विभक्ति को। "माँ ने बच्चे को बुलाया।" करण कारक: जिस साधन से काम हो। विभक्ति से, के द्वारा। "वह कलम से लिखता है।" संप्रदान कारक: जिसके लिए काम किया जाए। विभक्ति के लिए, को। "माँ बच्चे के लिए दूध लाई।"

अपादान कारक: जिससे कोई चीज़ अलग हो। विभक्ति से (अलग होने का अर्थ)। "पेड़ से पत्ता गिरा।" संबंध कारक: एक संज्ञा का दूसरी से संबंध। विभक्ति का, के, की। "यह राधा की किताब है।" अधिकरण कारक: क्रिया का आधार, यानी जगह या समय। विभक्ति में, पर। "बच्चे कमरे में हैं।" संबोधन कारक: किसी को पुकारना। चिह्न हे, अरे, ओ। "हे प्रभु! रक्षा करो।"

करण और अपादान दोनों में "से" आता है, इसलिए ध्यान रखो। जब "से" साधन बताए तो करण: "चाकू से काटा"। जब "से" अलग होना बताए तो अपादान: "छत से गिरा"। इसी तरह कर्म और संप्रदान दोनों में "को" आ सकता है: "बच्चे को बुलाया" में कर्म है, "बच्चे को मिठाई दी" में संप्रदान है, क्योंकि मिठाई बच्चे के लिए दी गई।

आठ कारक और उनकी विभक्तियाँआठ डिब्बे दो पंक्तियों में हैं। हर डिब्बे में कारक का नाम और उसकी विभक्ति लिखी है: कर्ता (ने), कर्म (को), करण (से, के द्वारा), संप्रदान (के लिए), अपादान (से), संबंध (का, के, की), अधिकरण (में, पर), संबोधन (हे, अरे)।आठ कारक कर्ता ने राम ने कर्म को रावण को करण से, के द्वारा बाण से संप्रदान के लिए बच्चे के लिए अपादान से (अलग) पेड़ से संबंध का, के, की राधा की अधिकरण में, पर कमरे में संबोधन हे, अरे हे प्रभु! विभक्ति से कारक पहचानो।
आठ कारक और हर कारक की विभक्ति।

Worked examples

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  1. एक वाक्य, कई कारक

    "मोहन ने बाज़ार से अपनी बहन के लिए किताब खरीदी।" मोहन ने: कर्ता। बाज़ार से: अपादान (बाज़ार से अलग होकर किताब आई)। बहन के लिए: संप्रदान। किताब: कर्म (बिना "को" के भी कर्म हो सकता है)।

  2. करण और अपादान का "से"

    "किसान हल से खेत जोतता है।" यहाँ हल साधन है, इसलिए करण कारक। "नदी से पानी निकाला।" यहाँ पानी नदी से अलग हुआ, इसलिए अपादान कारक। "से" एक है, पर काम दो।

  3. संबंध, अधिकरण और संबोधन

    "राम का घर गाँव में है।" राम का: संबंध कारक (घर का राम से रिश्ता)। गाँव में: अधिकरण कारक (जगह)। "अरे बच्चो! शोर मत करो।" अरे बच्चो: संबोधन कारक, क्योंकि बच्चों को पुकारा गया है।

Try it at home

कारक की खोज

You will need

  • कागज़
  • पेंसिल
  • कोई हिंदी कहानी की किताब या अख़बार

What to do

  1. कागज़ पर आठ खाने बनाओ और हर खाने में एक कारक का नाम और उसकी विभक्ति लिखो।
  2. किताब या अख़बार से पाँच वाक्य चुनो और उन्हें कागज़ पर लिखो।
  3. हर वाक्य में ने, को, से, के लिए, का, में, पर जैसी विभक्तियों पर गोला लगाओ।
  4. हर गोले वाले शब्द को सही कारक के खाने में लिखो।
  5. अब अपने घर के बारे में एक ऐसा वाक्य लिखो जिसमें कम से कम चार कारक आएँ।

Lesson 6 of 6

Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन)

औपचारिक और अनौपचारिक पत्र का ढाँचा सीखो: पता, दिनांक, संबोधन, विषय, मुख्य भाग, समापन और हस्ताक्षर।

Let us begin

The big idea

दादी को हाल बताना हो, या प्रधानाचार्य से छुट्टी माँगनी हो, दोनों के लिए पत्र लिखा जाता है। पर दोनों पत्रों की भाषा और ढाँचा अलग होता है। आओ सीखें कि अच्छा पत्र कैसे लिखा जाता है।

पत्र दो प्रकार के होते हैं। अनौपचारिक पत्र अपने परिवार और मित्रों को लिखे जाते हैं। इनकी भाषा अपनापन भरी और सरल होती है। औपचारिक पत्र प्रधानाचार्य, अधिकारी, संपादक या किसी दफ़्तर को लिखे जाते हैं। इनकी भाषा शिष्ट, छोटी और सीधी होती है, और एक "विषय" पंक्ति होती है।

अनौपचारिक पत्र का ढाँचा: ऊपर बाईं ओर अपना पता और दिनांक। फिर संबोधन, जैसे "प्रिय दादी जी" या "प्यारे मित्र राहुल"। फिर अभिवादन, जैसे "सादर प्रणाम" या "नमस्ते"। फिर मुख्य भाग दो-तीन अनुच्छेदों में: पहले हालचाल, फिर असली बात, अंत में शुभकामना। समापन में "आपका पोता" या "तुम्हारा मित्र" और अपना नाम।

औपचारिक पत्र का ढाँचा: ऊपर "सेवा में" लिखकर जिसे पत्र लिखा जा रहा है उसका पद और पता। फिर दिनांक। फिर विषय, एक पंक्ति में पत्र का उद्देश्य। फिर संबोधन "महोदय" या "महोदया"। मुख्य भाग में साफ़ और छोटे वाक्यों में अपनी बात। समापन में "धन्यवाद", फिर "आपका आज्ञाकारी शिष्य" या "भवदीय", अपना नाम और कक्षा।

अच्छे पत्र के नियम: बात सीधी और साफ़ हो, अनावश्यक बातें न हों। हर नया विचार नए अनुच्छेद में हो। विराम चिह्न सही हों। औपचारिक पत्र में "तुम" नहीं, "आप" लिखो। पत्र लिखने के बाद एक बार पढ़कर गलतियाँ सुधारो।

औपचारिक पत्र का ढाँचाएक पन्ने जैसा चित्र है जिसमें ऊपर से नीचे पत्र के हिस्से क्रम से डिब्बों में दिखाए गए हैं: सेवा में और पता, दिनांक, विषय, संबोधन (महोदय), मुख्य भाग, धन्यवाद और समापन, नाम और कक्षा। सेवा में, पद और पता दिनांक विषय: एक पंक्ति में उद्देश्य महोदय / महोदया, मुख्य भाग: सविनय निवेदन है कि... छोटे और साफ़ वाक्य धन्यवाद। आपका आज्ञाकारी शिष्य, नाम, कक्षा 1 2 3 4 5 6 7
औपचारिक पत्र के हिस्से ऊपर से नीचे इसी क्रम में आते हैं।

Worked examples

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  1. औपचारिक पत्र: छुट्टी के लिए प्रार्थना

    सेवा में, प्रधानाचार्य जी, सरस्वती विद्या मंदिर, जयपुर। दिनांक: 10 मार्च। विषय: दो दिन के अवकाश के लिए प्रार्थना। महोदय, सविनय निवेदन है कि मुझे तेज़ बुखार है और डॉक्टर ने आराम करने को कहा है। अतः कृपया मुझे 11 और 12 मार्च का अवकाश देने की कृपा करें। धन्यवाद। आपका आज्ञाकारी शिष्य, अमित, कक्षा 7 ब।

  2. अनौपचारिक पत्र: दादी को

    12, गांधी नगर, भोपाल। 5 अप्रैल। प्रिय दादी जी, सादर प्रणाम। मैं यहाँ कुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी स्वस्थ होंगी। इस बार मेरी परीक्षा बहुत अच्छी हुई और मुझे हिंदी में सबसे अधिक अंक मिले। गर्मी की छुट्टियों में हम गाँव आएँगे, तब आपके हाथ के आम का अचार ज़रूर खाऊँगा। माँ और पापा ने प्रणाम कहा है। आपका पोता, रोहन।

  3. भाषा का अंतर

    दादी को लिखते हैं: "आप कैसी हैं? मुझे आपकी बहुत याद आती है।" प्रधानाचार्य को लिखते हैं: "सविनय निवेदन है कि..." पहले में अपनापन है, दूसरे में शिष्टता और संक्षेप। औपचारिक पत्र में विषय पंक्ति होती है, अनौपचारिक में नहीं।

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दो पत्र, दो अंदाज़

You will need

  • कागज़ के दो पन्ने
  • पेंसिल या पेन
  • एक पुराना लिफ़ाफ़ा या कागज़ से बना लिफ़ाफ़ा

What to do

  1. पहले पन्ने पर अपने किसी दूर रहने वाले रिश्तेदार को अनौपचारिक पत्र लिखो और उसमें अपने स्कूल की एक मज़ेदार बात बताओ।
  2. दूसरे पन्ने पर प्रधानाचार्य को औपचारिक पत्र लिखो, जिसमें स्कूल में पानी की टंकी साफ़ कराने की प्रार्थना हो।
  3. दोनों पत्रों में ढाँचे के सब हिस्से जाँचो: पता, दिनांक, संबोधन, मुख्य भाग, समापन और नाम।
  4. पत्र को मोड़कर लिफ़ाफ़े में रखो और लिफ़ाफ़े पर पाने वाले का पता सही ढंग से लिखो।
  5. किसी बड़े को दोनों पत्र पढ़ाओ और पूछो कि भाषा का अंतर समझ आया या नहीं।

Part two

Practice sheets

One sheet for each of the 6 lessons. Write your name and the date at the top, answer in the spaces, then check with the answer keys at the back.

Practice sheet

Verbs and tenses in Hindi (क्रिया और काल)

Practice sheet: Verbs and tenses in Hindi (क्रिया और काल) (Classes 6-8, Hindi)

  1. क्रिया किसे कहते हैं? एक उदाहरण दो।
  2. क्रिया चुनो: बच्चे मैदान में खेलते हैं।
  3. काल पहचानो: सीता गाना गाती है।
  4. काल पहचानो: लड़का स्कूल गया।
  5. काल पहचानो: हम अगले रविवार मेले में जाएँगे।
  6. भूतकाल में बदलो: बच्चा दौड़ता है।
  7. भविष्यत्काल में बदलो: राम सोता है।
  8. वर्तमानकाल में बदलो: वह हँसा।
  9. सही रूप भरो: अगले हफ़्ते मेरी बहन दिल्ली से ___ । (आना, भविष्यत्काल)
  10. इस वाक्य में क्रिया और उसका काल बताओ: माँ ने खाना बनाया।
  11. भविष्यत्काल का एक वाक्य अपने मन से लिखो।

Practice sheet

Hindi sandhi basics (संधि)

Practice sheet: Hindi sandhi basics (संधि) (Classes 6-8, Hindi)

  1. संधि किसे कहते हैं?
  2. संधि के तीन प्रकार कौन-से हैं?
  3. विद्यालय का संधि-विच्छेद करो और संधि का नाम बताओ।
  4. नर + इंद्र की संधि करो।
  5. सूर्योदय में कौन-सी संधि है?
  6. सदा + एव की संधि करो और भेद बताओ।
  7. यद्यपि का संधि-विच्छेद करो।
  8. ने + अन से कौन-सा शब्द बनता है और यह कौन-सी संधि है?
  9. महा + ऋषि की संधि करो।
  10. सु + आगत की संधि करो और भेद बताओ।
  11. दीर्घ संधि में कौन-से स्वर मिलते हैं?

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Hindi compound words (samas) (समास)

Practice sheet: Hindi compound words (samas) (समास) (Classes 6-8, Hindi)

  1. समास किसे कहते हैं?
  2. समस्त पद और समास-विग्रह में क्या अंतर है?
  3. राजपुत्र का विग्रह करो और समास का नाम बताओ।
  4. नीलकमल में कौन-सा समास है?
  5. चौराहा का विग्रह करो और समास बताओ।
  6. सुख-दुख में कौन-सा समास है?
  7. दशानन का विग्रह करो और समास बताओ।
  8. यथाशक्ति में कौन-सा समास है?
  9. "देश के लिए भक्ति" का समस्त पद लिखो।
  10. बहुव्रीहि समास की पहचान क्या है?
  11. द्विगु समास में पहला पद क्या होता है?

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Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय)

Practice sheet: Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय) (Classes 6-8, Hindi)

  1. उपसर्ग किसे कहते हैं?
  2. प्रत्यय किसे कहते हैं?
  3. असत्य में उपसर्ग कौन-सा है?
  4. सुपुत्र और कुपुत्र में उपसर्ग अलग करो और अर्थ का अंतर बताओ।
  5. सुंदरता में प्रत्यय कौन-सा है?
  6. "वि" उपसर्ग से दो शब्द बनाओ।
  7. "वान" प्रत्यय से दो शब्द बनाओ।
  8. लिखाई में कौन-सा प्रत्यय है और वह कृत् है या तद्धित?
  9. बेकार में उपसर्ग कौन-सा है और यह किस भाषा से आया है?
  10. असफलता में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों अलग करो।
  11. भारतीय में प्रत्यय कौन-सा है?

Practice sheet

Hindi cases (karak) (कारक)

Practice sheet: Hindi cases (karak) (कारक) (Classes 6-8, Hindi)

  1. कारक किसे कहते हैं?
  2. हिंदी में कितने कारक हैं? नाम लिखो।
  3. कर्ता कारक की विभक्ति क्या है?
  4. "माँ ने बच्चे को बुलाया।" में "बच्चे को" कौन-सा कारक है?
  5. "वह चाकू से सब्ज़ी काटता है।" में "चाकू से" कौन-सा कारक है?
  6. "पेड़ से आम गिरा।" में "पेड़ से" कौन-सा कारक है?
  7. करण और अपादान में क्या अंतर है?
  8. "यह सीता की गुड़िया है।" में "सीता की" कौन-सा कारक है?
  9. "चिड़िया छत पर बैठी है।" में "छत पर" कौन-सा कारक है?
  10. "हे ईश्वर! सबका भला करो।" में संबोधन कारक कौन-सा है?
  11. "पिता ने बेटे के लिए साइकिल खरीदी।" में "बेटे के लिए" कौन-सा कारक है?

Practice sheet

Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन)

Practice sheet: Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन) (Classes 6-8, Hindi)

  1. पत्र कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखो।
  2. दादी को लिखा पत्र किस प्रकार का पत्र है?
  3. प्रधानाचार्य को लिखा पत्र किस प्रकार का पत्र है?
  4. औपचारिक पत्र में "विषय" पंक्ति का क्या काम है?
  5. औपचारिक पत्र में संबोधन के लिए कौन-सा शब्द लिखते हैं?
  6. अनौपचारिक पत्र में दादी के लिए संबोधन और अभिवादन लिखो।
  7. औपचारिक पत्र की शुरुआत में "सेवा में" के बाद क्या लिखा जाता है?
  8. औपचारिक पत्र में "तुम" लिखें या "आप"?
  9. छुट्टी के प्रार्थना पत्र में समापन कैसे करोगे?
  10. पत्र लिखने के बाद क्या करना चाहिए?

Part three

Answer keys

The answers to every practice sheet, in the same order as the lessons. Parents and teachers may like to keep these pages separately.

Answer key

Answers: Verbs and tenses in Hindi (क्रिया और काल)

  1. जिस शब्द से किसी काम का करना या होना पता चले, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे: खाना।
  2. खेलते हैं।
  3. वर्तमानकाल।
  4. भूतकाल।
  5. भविष्यत्काल।
  6. बच्चा दौड़ा।
  7. राम सोएगा।
  8. वह हँसता है।
  9. आएगी।
  10. क्रिया: बनाया। काल: भूतकाल।
  11. कोई भी सही वाक्य, जैसे: मैं कल पार्क जाऊँगा।

Answer key

Answers: Hindi sandhi basics (संधि)

  1. दो वर्णों के पास-पास आने से होने वाले बदलाव को संधि कहते हैं।
  2. स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।
  3. विद्या + आलय, दीर्घ संधि (आ + आ = आ)।
  4. नरेंद्र (गुण संधि, अ + इ = ए)।
  5. गुण संधि: सूर्य + उदय, अ + उ = ओ।
  6. सदैव, वृद्धि संधि (आ + ए = ऐ)।
  7. यदि + अपि (यण संधि)।
  8. नयन, अयादि संधि (ए + अ = अय)।
  9. महर्षि (गुण संधि, आ + ऋ = अर्)।
  10. स्वागत, यण संधि (उ + आ = वा)।
  11. एक जैसे स्वर, जैसे अ या आ के साथ अ या आ, इ या ई के साथ इ या ई, उ या ऊ के साथ उ या ऊ।

Answer key

Answers: Hindi compound words (samas) (समास)

  1. दो या अधिक शब्दों को जोड़कर एक नया छोटा शब्द बनाने को समास कहते हैं।
  2. जुड़ा हुआ शब्द समस्त पद है, और उसे खोलकर लिखना समास-विग्रह है।
  3. राजा का पुत्र, तत्पुरुष समास।
  4. कर्मधारय, क्योंकि नीला विशेषण है और कमल विशेष्य।
  5. चार राहों का समूह, द्विगु समास।
  6. द्वंद्व, क्योंकि बीच में "और" छिपा है।
  7. दस हैं आनन जिसके, यानी रावण, बहुव्रीहि समास।
  8. अव्ययीभाव।
  9. देशभक्ति।
  10. दोनों पद मिलकर किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु की ओर इशारा करते हैं।
  11. संख्यावाचक शब्द, जैसे त्रि, चौ, सप्त।

Answer key

Answers: Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय)

  1. जो शब्दांश शब्द के आरंभ में जुड़कर उसका अर्थ बदलते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
  2. जो शब्दांश शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
  3. अ।
  4. सु + पुत्र (अच्छा बेटा), कु + पुत्र (बुरा बेटा)।
  5. ता।
  6. कोई दो, जैसे विदेश, विज्ञान, विशेष।
  7. कोई दो, जैसे धनवान, बलवान, गुणवान।
  8. आई, कृत् प्रत्यय, क्योंकि यह "लिख" धातु से जुड़ा है।
  9. बे, उर्दू से।
  10. उपसर्ग अ, मूल शब्द सफल, प्रत्यय ता।
  11. ईय।

Answer key

Answers: Hindi cases (karak) (कारक)

  1. संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया से जो संबंध होता है, उसे कारक कहते हैं।
  2. आठ: कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण, संबोधन।
  3. ने (कभी-कभी कोई विभक्ति नहीं होती)।
  4. कर्म कारक।
  5. करण कारक, क्योंकि चाकू साधन है।
  6. अपादान कारक, क्योंकि आम पेड़ से अलग हुआ।
  7. करण में "से" साधन बताता है, अपादान में "से" अलग होना बताता है।
  8. संबंध कारक।
  9. अधिकरण कारक, क्योंकि यह जगह बताता है।
  10. हे ईश्वर।
  11. संप्रदान कारक।

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Answers: Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन)

  1. दो: औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र।
  2. अनौपचारिक पत्र।
  3. औपचारिक पत्र।
  4. एक पंक्ति में पत्र का उद्देश्य बताना, ताकि पढ़ने वाला तुरंत समझ जाए।
  5. महोदय या महोदया।
  6. प्रिय दादी जी, सादर प्रणाम।
  7. जिसे पत्र लिखा जा रहा है उसका पद और पता, जैसे प्रधानाचार्य जी, विद्यालय का नाम और शहर।
  8. आप।
  9. धन्यवाद, आपका आज्ञाकारी शिष्य, फिर अपना नाम और कक्षा।
  10. एक बार पढ़कर गलतियाँ सुधारनी चाहिए।
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