- Hindi
- Classes 6-8
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Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन)
औपचारिक और अनौपचारिक पत्र का ढाँचा सीखो: पता, दिनांक, संबोधन, विषय, मुख्य भाग, समापन और हस्ताक्षर।
Let us begin
The big idea
दादी को हाल बताना हो, या प्रधानाचार्य से छुट्टी माँगनी हो, दोनों के लिए पत्र लिखा जाता है। पर दोनों पत्रों की भाषा और ढाँचा अलग होता है। आओ सीखें कि अच्छा पत्र कैसे लिखा जाता है।
पत्र दो प्रकार के होते हैं। अनौपचारिक पत्र अपने परिवार और मित्रों को लिखे जाते हैं। इनकी भाषा अपनापन भरी और सरल होती है। औपचारिक पत्र प्रधानाचार्य, अधिकारी, संपादक या किसी दफ़्तर को लिखे जाते हैं। इनकी भाषा शिष्ट, छोटी और सीधी होती है, और एक "विषय" पंक्ति होती है।
अनौपचारिक पत्र का ढाँचा: ऊपर बाईं ओर अपना पता और दिनांक। फिर संबोधन, जैसे "प्रिय दादी जी" या "प्यारे मित्र राहुल"। फिर अभिवादन, जैसे "सादर प्रणाम" या "नमस्ते"। फिर मुख्य भाग दो-तीन अनुच्छेदों में: पहले हालचाल, फिर असली बात, अंत में शुभकामना। समापन में "आपका पोता" या "तुम्हारा मित्र" और अपना नाम।
औपचारिक पत्र का ढाँचा: ऊपर "सेवा में" लिखकर जिसे पत्र लिखा जा रहा है उसका पद और पता। फिर दिनांक। फिर विषय, एक पंक्ति में पत्र का उद्देश्य। फिर संबोधन "महोदय" या "महोदया"। मुख्य भाग में साफ़ और छोटे वाक्यों में अपनी बात। समापन में "धन्यवाद", फिर "आपका आज्ञाकारी शिष्य" या "भवदीय", अपना नाम और कक्षा।
अच्छे पत्र के नियम: बात सीधी और साफ़ हो, अनावश्यक बातें न हों। हर नया विचार नए अनुच्छेद में हो। विराम चिह्न सही हों। औपचारिक पत्र में "तुम" नहीं, "आप" लिखो। पत्र लिखने के बाद एक बार पढ़कर गलतियाँ सुधारो।
Worked examples
See how it works
औपचारिक पत्र: छुट्टी के लिए प्रार्थना
सेवा में, प्रधानाचार्य जी, सरस्वती विद्या मंदिर, जयपुर। दिनांक: 10 मार्च। विषय: दो दिन के अवकाश के लिए प्रार्थना। महोदय, सविनय निवेदन है कि मुझे तेज़ बुखार है और डॉक्टर ने आराम करने को कहा है। अतः कृपया मुझे 11 और 12 मार्च का अवकाश देने की कृपा करें। धन्यवाद। आपका आज्ञाकारी शिष्य, अमित, कक्षा 7 ब।
अनौपचारिक पत्र: दादी को
12, गांधी नगर, भोपाल। 5 अप्रैल। प्रिय दादी जी, सादर प्रणाम। मैं यहाँ कुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी स्वस्थ होंगी। इस बार मेरी परीक्षा बहुत अच्छी हुई और मुझे हिंदी में सबसे अधिक अंक मिले। गर्मी की छुट्टियों में हम गाँव आएँगे, तब आपके हाथ के आम का अचार ज़रूर खाऊँगा। माँ और पापा ने प्रणाम कहा है। आपका पोता, रोहन।
भाषा का अंतर
दादी को लिखते हैं: "आप कैसी हैं? मुझे आपकी बहुत याद आती है।" प्रधानाचार्य को लिखते हैं: "सविनय निवेदन है कि..." पहले में अपनापन है, दूसरे में शिष्टता और संक्षेप। औपचारिक पत्र में विषय पंक्ति होती है, अनौपचारिक में नहीं।
Try it at home
दो पत्र, दो अंदाज़
You will need
- कागज़ के दो पन्ने
- पेंसिल या पेन
- एक पुराना लिफ़ाफ़ा या कागज़ से बना लिफ़ाफ़ा
What to do
- पहले पन्ने पर अपने किसी दूर रहने वाले रिश्तेदार को अनौपचारिक पत्र लिखो और उसमें अपने स्कूल की एक मज़ेदार बात बताओ।
- दूसरे पन्ने पर प्रधानाचार्य को औपचारिक पत्र लिखो, जिसमें स्कूल में पानी की टंकी साफ़ कराने की प्रार्थना हो।
- दोनों पत्रों में ढाँचे के सब हिस्से जाँचो: पता, दिनांक, संबोधन, मुख्य भाग, समापन और नाम।
- पत्र को मोड़कर लिफ़ाफ़े में रखो और लिफ़ाफ़े पर पाने वाले का पता सही ढंग से लिखो।
- किसी बड़े को दोनों पत्र पढ़ाओ और पूछो कि भाषा का अंतर समझ आया या नहीं।
Practice sheet
Check what you learned
Practice sheet: Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन) (Classes 6-8, Hindi)
- पत्र कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखो।
- दादी को लिखा पत्र किस प्रकार का पत्र है?
- प्रधानाचार्य को लिखा पत्र किस प्रकार का पत्र है?
- औपचारिक पत्र में "विषय" पंक्ति का क्या काम है?
- औपचारिक पत्र में संबोधन के लिए कौन-सा शब्द लिखते हैं?
- अनौपचारिक पत्र में दादी के लिए संबोधन और अभिवादन लिखो।
- औपचारिक पत्र की शुरुआत में "सेवा में" के बाद क्या लिखा जाता है?
- औपचारिक पत्र में "तुम" लिखें या "आप"?
- छुट्टी के प्रार्थना पत्र में समापन कैसे करोगे?
- पत्र लिखने के बाद क्या करना चाहिए?
Answer key
Answers: Hindi letter writing (patra lekhan) (पत्र लेखन)
- दो: औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र।
- अनौपचारिक पत्र।
- औपचारिक पत्र।
- एक पंक्ति में पत्र का उद्देश्य बताना, ताकि पढ़ने वाला तुरंत समझ जाए।
- महोदय या महोदया।
- प्रिय दादी जी, सादर प्रणाम।
- जिसे पत्र लिखा जा रहा है उसका पद और पता, जैसे प्रधानाचार्य जी, विद्यालय का नाम और शहर।
- आप।
- धन्यवाद, आपका आज्ञाकारी शिष्य, फिर अपना नाम और कक्षा।
- एक बार पढ़कर गलतियाँ सुधारनी चाहिए।
