- Hindi
- Classes 6-8
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Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय)
शब्द के आगे लगने वाले उपसर्ग (अ, सु, प्र) और पीछे लगने वाले प्रत्यय (ता, वान, ईय) से नए शब्द बनाना सीखो।
Let us begin
The big idea
सत्य के आगे "अ" लगाओ तो असत्य बन जाता है, अर्थ उलट गया। सुंदर के पीछे "ता" लगाओ तो सुंदरता बन जाता है, विशेषण संज्ञा बन गया। आगे लगने वाले टुकड़े उपसर्ग (upsarg) और पीछे लगने वाले टुकड़े प्रत्यय (pratyay) कहलाते हैं।
उपसर्ग वे शब्दांश हैं जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं या उसमें कुछ विशेषता जोड़ देते हैं। उपसर्ग अकेले प्रयोग नहीं होते। जैसे "अ" अकेला कुछ नहीं कहता, पर सत्य के आगे लगकर असत्य बना देता है।
कुछ आम उपसर्ग और उनके उदाहरण: अ (असत्य, अज्ञान), अन (अनपढ़, अनजान), सु (सुपुत्र, सुगंध), कु (कुपुत्र, कुमार्ग), दुर् (दुर्बल, दुर्गम), प्र (प्रबल, प्रचार), वि (विदेश, विज्ञान), उप (उपवन, उपकार), अनु (अनुचर, अनुवाद), परि (परिवार, परिश्रम), सह (सहपाठी, सहयोग)। उर्दू से आए उपसर्ग: बे (बेकार, बेईमान), ला (लापता, लाजवाब), गैर (गैरहाज़िर), बद (बदनाम)।
प्रत्यय वे शब्दांश हैं जो शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं। प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं। कृत् प्रत्यय धातु (क्रिया के मूल) से जुड़ते हैं: लिख + आई = लिखाई, पढ़ + आकू = पढ़ाकू, सज + आवट = सजावट, थक + आन = थकान, खेल + ना = खेलना।
तद्धित प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से जुड़ते हैं: सुंदर + ता = सुंदरता, धन + वान = धनवान, बुद्धि + मान = बुद्धिमान, भारत + ईय = भारतीय, दया + लु = दयालु, लड़का + पन = लड़कपन, चाय + वाला = चायवाला, मूर्ख + ता = मूर्खता, गुजरात + ई = गुजराती। एक ही शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों हो सकते हैं: अ + सफल + ता = असफलता।
Worked examples
See how it works
उपसर्ग अलग करो
असंभव = अ + संभव। सुपुत्र = सु + पुत्र। प्रचार = प्र + चार। विदेश = वि + देश। बेकार = बे + कार। परिश्रम = परि + श्रम। हर बार मूल शब्द के आगे का टुकड़ा उपसर्ग है।
प्रत्यय अलग करो
लिखाई = लिख + आई (कृत्)। मिठाई = मीठा + आई (तद्धित)। धनवान = धन + वान (तद्धित)। भारतीय = भारत + ईय (तद्धित)। सजावट = सज + आवट (कृत्)। याद रखो: कृत् प्रत्यय क्रिया से जुड़ता है, तद्धित प्रत्यय संज्ञा या विशेषण से।
एक मूल शब्द, कई नए शब्द
मूल शब्द "ज्ञान" लो। अ + ज्ञान = अज्ञान। वि + ज्ञान = विज्ञान। ज्ञान + ई = ज्ञानी। ज्ञान + वान = ज्ञानवान। अ + ज्ञान + ई = अज्ञानी। एक ही शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय मिलाकर पाँच नए शब्द बन गए।
Try it at home
शब्द-निर्माण की फैक्टरी
You will need
- कागज़
- पेंसिल
- तीन अलग रंग के पेन या पेंसिलें (हों तो)
What to do
- कागज़ के तीन खाने बनाओ: उपसर्ग, मूल शब्द, प्रत्यय।
- उपसर्ग खाने में अ, सु, कु, प्र, वि, बे लिखो। प्रत्यय खाने में ता, वान, ई, पन, वाला लिखो।
- मूल शब्द खाने में पाँच शब्द लिखो: सफल, ज्ञान, धन, बाल, भारत।
- हर मूल शब्द के साथ जितने सही शब्द बन सकें, बनाओ, जैसे असफल, सफलता, असफलता।
- जो शब्द बने, उन्हें शब्दकोश या किसी बड़े से पूछकर जाँचो कि वे सचमुच हिंदी में चलते हैं या नहीं।
Practice sheet
Check what you learned
Practice sheet: Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय) (Classes 6-8, Hindi)
- उपसर्ग किसे कहते हैं?
- प्रत्यय किसे कहते हैं?
- असत्य में उपसर्ग कौन-सा है?
- सुपुत्र और कुपुत्र में उपसर्ग अलग करो और अर्थ का अंतर बताओ।
- सुंदरता में प्रत्यय कौन-सा है?
- "वि" उपसर्ग से दो शब्द बनाओ।
- "वान" प्रत्यय से दो शब्द बनाओ।
- लिखाई में कौन-सा प्रत्यय है और वह कृत् है या तद्धित?
- बेकार में उपसर्ग कौन-सा है और यह किस भाषा से आया है?
- असफलता में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों अलग करो।
- भारतीय में प्रत्यय कौन-सा है?
Answer key
Answers: Hindi prefixes and suffixes (upsarg aur pratyay) (उपसर्ग और प्रत्यय)
- जो शब्दांश शब्द के आरंभ में जुड़कर उसका अर्थ बदलते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
- जो शब्दांश शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
- अ।
- सु + पुत्र (अच्छा बेटा), कु + पुत्र (बुरा बेटा)।
- ता।
- कोई दो, जैसे विदेश, विज्ञान, विशेष।
- कोई दो, जैसे धनवान, बलवान, गुणवान।
- आई, कृत् प्रत्यय, क्योंकि यह "लिख" धातु से जुड़ा है।
- बे, उर्दू से।
- उपसर्ग अ, मूल शब्द सफल, प्रत्यय ता।
- ईय।
