- Hindi
- Classes 6-8
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Hindi sandhi basics (संधि)
दो वर्णों के मेल से होने वाले बदलाव को संधि कहते हैं: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि स्वर संधि उदाहरणों से सीखो।
Let us begin
The big idea
विद्या + आलय = विद्यालय। हिम + आलय = हिमालय। देखो, दो शब्द मिले और बीच का रूप बदल गया। इस मेल को संधि (sandhi) कहते हैं। संधि समझने से बड़े-बड़े शब्द आसानी से पढ़े और बनाए जा सकते हैं।
दो वर्णों (अक्षरों) के पास-पास आने से जो बदलाव होता है, उसे संधि कहते हैं। जोड़े गए शब्द को फिर से अलग करना संधि-विच्छेद कहलाता है। जैसे विद्यालय का संधि-विच्छेद है विद्या + आलय।
संधि तीन प्रकार की होती है: स्वर संधि (स्वर + स्वर), व्यंजन संधि (व्यंजन + स्वर या व्यंजन) और विसर्ग संधि (विसर्ग + स्वर या व्यंजन)। इस पाठ में हम स्वर संधि के पाँच भेद सीखेंगे।
दीर्घ संधि: एक जैसे छोटे या बड़े स्वर मिलकर बड़ा (दीर्घ) स्वर बनाते हैं। अ या आ + अ या आ = आ: हिम + आलय = हिमालय, विद्या + अर्थी = विद्यार्थी। इ या ई + इ या ई = ई: कवि + इंद्र = कवींद्र। उ या ऊ + उ या ऊ = ऊ: भानु + उदय = भानूदय।
गुण संधि: अ या आ के बाद इ या ई आए तो ए बनता है: नर + इंद्र = नरेंद्र, महा + ईश = महेश। अ या आ के बाद उ या ऊ आए तो ओ: सूर्य + उदय = सूर्योदय। अ या आ के बाद ऋ आए तो अर्: देव + ऋषि = देवर्षि। वृद्धि संधि: अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो ऐ: सदा + एव = सदैव, एक + एक = एकैक। अ या आ के बाद ओ या औ आए तो औ: महा + औषध = महौषध।
यण संधि: इ या ई के बाद कोई अलग स्वर आए तो य बनता है: यदि + अपि = यद्यपि, अति + अधिक = अत्यधिक। उ या ऊ के बाद अलग स्वर आए तो व: सु + आगत = स्वागत, अनु + एषण = अन्वेषण। अयादि संधि: ए + अ = अय: ने + अन = नयन। ओ + अ = अव: पो + अन = पवन, भो + अन = भवन। ऐ + अ = आय: नै + अक = नायक।
Worked examples
See how it works
दीर्घ संधि
विद्या + आलय: आ + आ = आ, इसलिए विद्यालय। परम + अर्थ: अ + अ = आ, इसलिए परमार्थ। रवि + इंद्र: इ + इ = ई, इसलिए रवींद्र। लघु + ऊर्मि: उ + ऊ = ऊ, इसलिए लघूर्मि।
गुण और वृद्धि संधि
महा + इंद्र: आ + इ = ए, इसलिए महेंद्र। जल + ऊर्मि: अ + ऊ = ओ, इसलिए जलोर्मि। महा + ऋषि: आ + ऋ = अर्, इसलिए महर्षि। मत + ऐक्य: अ + ऐ = ऐ, इसलिए मतैक्य। परम + औषध: अ + औ = औ, इसलिए परमौषध।
संधि-विच्छेद करो
सूर्योदय = सूर्य + उदय (गुण संधि, अ + उ = ओ)। यद्यपि = यदि + अपि (यण संधि, इ + अ = य)। नयन = ने + अन (अयादि संधि, ए + अ = अय)। हिमालय = हिम + आलय (दीर्घ संधि, अ + आ = आ)।
Try it at home
संधि जोड़ो, संधि तोड़ो
You will need
- कागज़
- पेंसिल
- कोई हिंदी किताब या अख़बार
What to do
- कागज़ पर दो खाने बनाओ: पहला शब्द, दूसरा शब्द, और तीसरा खाना संधि वाला शब्द।
- इन जोड़ों को जोड़कर लिखो: देव + आलय, महा + उत्सव, रमा + ईश, सु + अच्छ, गुरु + उपदेश।
- हर संधि का नाम लिखो: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण या अयादि।
- अब किसी किताब या अख़बार से पाँच बड़े शब्द ढूँढो जिनमें संधि लगे, जैसे विद्यालय, और उनका संधि-विच्छेद करो।
Practice sheet
Check what you learned
Practice sheet: Hindi sandhi basics (संधि) (Classes 6-8, Hindi)
- संधि किसे कहते हैं?
- संधि के तीन प्रकार कौन-से हैं?
- विद्यालय का संधि-विच्छेद करो और संधि का नाम बताओ।
- नर + इंद्र की संधि करो।
- सूर्योदय में कौन-सी संधि है?
- सदा + एव की संधि करो और भेद बताओ।
- यद्यपि का संधि-विच्छेद करो।
- ने + अन से कौन-सा शब्द बनता है और यह कौन-सी संधि है?
- महा + ऋषि की संधि करो।
- सु + आगत की संधि करो और भेद बताओ।
- दीर्घ संधि में कौन-से स्वर मिलते हैं?
Answer key
Answers: Hindi sandhi basics (संधि)
- दो वर्णों के पास-पास आने से होने वाले बदलाव को संधि कहते हैं।
- स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।
- विद्या + आलय, दीर्घ संधि (आ + आ = आ)।
- नरेंद्र (गुण संधि, अ + इ = ए)।
- गुण संधि: सूर्य + उदय, अ + उ = ओ।
- सदैव, वृद्धि संधि (आ + ए = ऐ)।
- यदि + अपि (यण संधि)।
- नयन, अयादि संधि (ए + अ = अय)।
- महर्षि (गुण संधि, आ + ऋ = अर्)।
- स्वागत, यण संधि (उ + आ = वा)।
- एक जैसे स्वर, जैसे अ या आ के साथ अ या आ, इ या ई के साथ इ या ई, उ या ऊ के साथ उ या ऊ।
